Wednesday, October 17, 2018

थायराइड का इलाज - Thyroid treatment in hindi

   थायराइड  -   Thyroid in hindi



थायराइड एक ग्रंथि होती है जो गले के ठीक सामने रहता है।
यह ग्रंथि  आपके शरीर के मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रण करती है




 यानी जो भोजन हम खाते है यह उसे ऊर्जा में बदलने का कार्य करता है।

उसके अलावा यह आपके हृदय , मांशपेशियों, हड्डियों व कोलेस्ट्रॉल को भी प्रभावित करता है।

थायराइड को साइलेंट किलर भी कहते हैं।
क्योंकि इसके लक्षण एक साथ नहीं दिखते हैं।

. थायराइड की समस्या पिट्यूटरी ग्रंथि के कारण भी होती है।
. रजोनिवृति में असमानता भी थायराइड का कारण बन सकता है।
. थायराइड से ग्रस्त मरीजो को  थायराइड फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए।






थायराइड के कारण - thyroid causes in Hindi


. थायराइड कई कारणों से हो सकता है। इनमे से ये प्रमुख हैं।

1- थायराइडिस् - यह सिर्फ एक बढ़ा हुआ थायराइड ग्रंथि है, जिसमे थायराइड हार्मोन बनाने की क्षमता कम हो जाती है।

2- सोया उत्पाद -  एसोफ्लेवोन् गहन सोया प्रोटीन, कैप्सूल और पाऊडर के रूप में सोया उत्पादों का जरुरत से  ज्यादा प्रयोग भी थायराइड होने के कारण हो सकते हैं।

3- दवाएं - कई बार दवाओ के प्रतिकूल प्रभाव ( साइड इफ़ेक्ट) भी थायराइड की वजह हो सकती है।

4- हैपोथैल्मिक  रोग - थायराइड की समस्या पिट्यूटरी ग्रंथि के कारण भी होती है क्योंकि यह थायराइड ग्रंथि हार्मोन्स  को उत्पादन करने के संकेत नही दे पाती।

5-  आयोडीन की कमी - आयोडीन की कमी से भी थायराइड हो सकता है।

6-  तनाव -  जब तनाव ज्यादा होने लगता है तो हमारे थायराइड ग्रंथि पे असर पड़ता है। यह ग्रंथि हार्मोन्स के स्तर को बढ़ाता है।

7- ग्रेव्स रोग - ग्रेव्स रोग थायराइड होने का सबसे बड़ा कारण है। इसमें थायराइड ग्रंथि से थायराइड हार्मोन्स  का स्त्राव बहुत बढ़ जाता है। ग्रेव्स रोग ज्यादा टार 20-45 के उम्र के बीच की महिलाओ को  होता है।
ये रोग अनुवांशिक भी हो सकता है और एक ही परिवार के कई लोगो को प्रभावित कर सकता है।

8- रजोनिवृति- यह भी थायराइड का कारण है क्योंकि महिला में कई प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं जो कई बार थायरायड के स्तर को बढ़ा देते हैं।







थायराइड के लक्षण -  thyroid symptoms in hindi


थायराइड की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम हो जाती है।


थायराइड के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं-


. जल्दी जल्दी थकान होना।
.शरीर सुस्त रहना।
.थोडा मेहनत करते ही ऊर्जा की कमी लगना।
.डिप्रेशन में जाने लगना।
.जोड़ो में दर्द होना।
.मांसपेशियों में दर्द रहना।
.याददाश्त कमजोर होना।


थायराइड ग्रंथि क्या है - what is thyroid gland


थायराइड कोई रोग नहीं है बल्कि एक ग्रंथि का नाम है जिसकी वजह से ये रोग होता है।
दरअसल थायराइड गर्दन के नीचे हिस्से में पाई जाने वाली क इनडोक्राइन ग्रंथि है।
थायराइड ग्रंथि का नियंत्रण पिट्यूटरी ग्लैंड से होता है जबकि पिट्यूटरी ग्लैंड को हाइपोथेलेमस कंट्रोल करता है।
ये दो प्रकार के हार्मोन्स बनाती है।

एक टी3 जिसे ट्राई-आयोडो-थायरोनिन  कहते  हैं।
दूसरी टी4 जिसे थायरोक्सिन कहते हैं।

जब थायराइज से निकलने वाले ये दोनों हार्मोन जब असंतुलित होते हैं तो थायराइड की समस्या हो जाती है।




थायराइड का परीक्षण - Diagnosis of thyroid in hindi


फिजियोलॉजी -  थायराइड ग्रंथि से हैपोथालेमस, पिट्यूटरी2 ग्रन्थियां और थायरॉइड सभी मिलकर थायरोक्सिन और ट्राइआयोडोथाइरोनाइन के निर्माण में सहयोग करते हैं।

थायराइड को उकसाने वाले हार्मोन थायराइड से टी3 और टी4 को छोड़ते हैं। थायरोक्सिन या टी4  थायराइड से निकलने वाला प्रमुख हार्मोन है।

फिजियोलॉजी के जरिये इन हार्मोन्स की जांच की जाती है जिससे थायराइड का पता चलता है।


स्क्रीनिंग - इसके जरिये थायराइड के मरीज का पूरी तरह से जांच संभव तो नहीं है लेकिन कुछ मामलो में फायदा भी करता है जैसे  जन्मजात मरीज और बच्चों की स्क्रीनिंग जांच से थायराइड का पता चलता है और मधुमेह रोगियो में स्क्रीनिंग से थायराइड का जांच होता है।





थायराइड फंक्शन टेस्ट ( टी फ टी )


थायराइड के मरीज के किये थायराइड फंक्शन टेस्ट किया जाता है।  इससे यह निश्चित हो जाता है की मरीज हैपोथायराइड है या हायपरथायराइड ।
 इस जांच से टीएसएच सीरम की संवेंदशीलता का पता चलता है।





थायराइड का इलाज - thyroid treatment in hindi


रेडियोएक्टिव आयोडीन ट्रीटमेंट -  थायराइड के मरीज को रेडियोएक्टिव आयोडीन दवाई या लिक्विड के द्वारा किया जाता है।
इस उपचार के द्वारा थायराइड की ज्यादा सक्रिय ग्रंथि को काटकर अलग किया जाता है।
इस थेरेपी से 8-12 महीने में थायराइड समाप्त हो जाता है।


सर्जरी - सर्जरी के द्वारा आंशिक रूप से थायराइड ग्रंथि को निकाल दिया जाता है, जो कि बहुत सामान्य तरीका है।
थायराइड के मरीजो में सर्जरी के द्वारा उसके शरीर से थायराइड के उत्तकों को निकाला जाता है जो की ज्यादा थायराइड हार्मोन पैदा करते हैं।

प्रेग्नेंट महिलायें और बच्चे जो थायराइड की दवाओ को बर्दाश्त नहीं कर सकते उनके लिए सर्जरी उपयोगी है।




एंटीथायराइड को कैसे कंट्रोल करे - tips for control thyroid


थायराइड संबंधी सभी समस्याओ से बचना आसान तो नहीं, लेकिन खानपान के जरिये इससे होने वाली समस्याओ को नियंत्रित किया जा सकता है।

थायराइड ग्रंथि को उचित आयोडीन से ठीक रखा जा सकता है।
पत्ता गोभी, फूल गोभी और शलगम आदि से दूर ही रहें  क्योंकि घेंघा बनने की संभावना होती है।



थायराइड कम करने के घरेलु उपाय - home remedies for thyroid in hindi



फ़ास्ट फ़ूड ( fast food ) - थायराइड होने पर तला , भुना, तेल, मसाले, बहुत कम खाने चाहिए। वरना दवाई का असर कम हो जाता है।

चीनी ( sugar) - ज्यादा मीठा खाने से बचे , चीनी का सेवन कम करें।

काफी ( coffee) - काफी में मौजूद एपिनेफ्रिन और नोरेपीनेफ्रिन थायराइड को बढ़ावा देते हैं।

गोभी - ( carli flower) - इसमें बन्दगोभी और ब्रोकोली खाने से भी बचें।

सोया -( soya) -  इसका प्रयोग कम करना चाहिए लेकिन मजबूरी में खाने के 4 घंटे बाद खा सकते हैं पर कम।











Tuesday, October 16, 2018

शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) - Diabetes in hindi

मधुमेह ( शुगर, डायबिटीज)  sugar kaise theek kare


एक पुरानी बीमारी है जो व्यक्ति के साथ आजीवन रहती है।
इसके कारण शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम होता है


1. शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के प्रकार - Types of Diabetes in hindi
2- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के लक्षण - Diabetes symptoms in hindi
3- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के कारण - Diabetes causes
4- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) से बचाव - Prevention of Diabetes in hindi
5- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) का इलाज - Diabetes treatment in hindi
6- शुगर (मधुमेह, डायबिटीज) की दवा - Medicines for diabetes in hindi
7- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) का आयुर्वेदिक इलाज -  cure diabetes by aayurved


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शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के प्रकार - Types of Diabetes in Hindi




मधुमेह को दो श्रेणी में बांटा गया है

Type 1 मधुमेह ( Type | Diabetes )




Type 1 में शरीर में इंसुलिन नहीं बनता है

Type 2 मधुमेह ( Type || Diabetes )





Type 2 का मतलब है की शरीर में इंसुलिन की मात्रा का काफी ना होना या उपस्थित इंसुलिन का सही इस्तेमाल ना होना जिस कारण ग्लूकोज़ कोशिकाओ में नहीं जाता और रक्त में उसकी मात्रा बढ़ जाता है।


 Type 1 मधुमेह एक आटोइम्मुने डिसऑर्डर ( Autoimmune Disorder) है, इसमें शरीर की श्वेत कोशिकाएं अग्नाशय की इंसुलिन  बनाने वाली कोशिकाओ को नष्ट कर देती हैं।

इसलिये type1 रोगियो को इंजेक्शन के माध्यम से अपने रक्त में इंसुलिन को तर करना होता है।


Type 2  मधुमेह में  शरीर  में उत्पादित इंसुलिन  का सही उपयोग नहीं हो पाता है।

शरीर में इंसुलिन की अतरिक्त मात्रा के कारण अग्न्याशय इन्सुलिन नहीं बनाता है।

इसलिये  type 2 के रोगी को मौखिक दवाओ और उचित जीवनशैली पर निर्भर रह सकते हैं।





शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के लक्षण - Diabetes symptoms in hindi






मधुमेह के दौरान आपको बहुत प्यास लगती हैं क्योंकि शरीर में निर्जलीकरण  हो जाता है।

रक्त में अतिरिक्त शुगर की उपस्थिति के कारण गुर्दे रक्त को साफ़ करने के लिए अधिक काम करने लगते हैं और मूत्र के द्वारा अतिरिक्त शुगर  को शरीर से  बाहर निकालते हैं। इस कारण बार बार पेशाब आता है


मधुमेह में रोगी को अधिक थकान और जल्दी भूख लगती है।

रक्त शर्करा  का स्तर ठीक से संतुलित नहीं होता है, तब यह शरीर के घावों को भरने में मुश्किल हो जाता है और  घाव भरने में देर लगता है।

वजन में कमी, मतली और उल्टी, बाल गिरना, धूँधली दृष्टि , खुजली और समय से उपचार न किया जाय तो  गुर्दे की विफ़लता , दिल का दौरा , अंधापन, आदि गंभीर समस्या हो सकती है।


SUGAR




शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज ) के कारण - Diabetes causes  in hindi




1- आनुवंशिकी भी है मधुमेह का कारण - Diabetes caused by genetics in hindi

अगर पिता या माता को शुगर है तो संभावना है की बच्चे को भी हो जाए ।


2-  डायबिटीज के कारण हैं वयायाम ना करना - Lack of exercise causes diabetes in hindi

 व्यायाम  ना करने से सेहत पे असर पड़ता  है। व्यायाम से इंसुलिन लेवल अच्छा रहता है।


3-  शुगर का कारण है खराब आहार का सेवन - poor nutrition causes Diabetes in hindi

खराब पोषण type 2 मधुमेह में योगदान कर सकता है ।

 कैलोरी , वसा  और कोलेस्ट्रॉल आपके इंसुलिन के प्रगिरोध को बढ़ा सकता है।

4-  उम्र से संबंधित है मधुमेह से बचाव - prevention of diabetes  in hindi

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में  type 2 मधुमेह होने की संभावना  बढ़ जाती है।



5-  मोटापा है मधुमेह का कारण - Diabetes due to obesity in hindi







डायबिटीज में क्या खाएं - Diet plan for Diabetes patients in hindi



मधुमेह में आहार को को संतुलित रखना ही सबसे अच्छा बचाव् है।

अपने आहार में करेला, जौ, गेंहू, हल्दी,काली मिर्च, लहसुन, सन बीज ,ब्लू बेरी, आदि शामिल करें।

डायबिटीज में क्या ना खाएं -

सामान्य चावल के बजाय पके हुए चावल खाएं और कफ बढ़ाने वाले आहार ( घी, दही,आलू, मीठा, मिठाई, चीनी, मीठा चाय) इन सब से बचें।

अगर चाय पीना आपके लिए आवश्यक हो तो हरी चाय या तुलसी का चाय बिना चीनी मिलाये पीयें।



मधुमेह के लिए व्यायाम -  exercise for diabetes prevention in hindi


मधुमेह में रोगी को सुबह सुबह लगभग 3-5 किलोमीटर पैदल जरूर चलना चाहिए ये बहुत अच्छा उपाय है मधुमेह को सामान्य रखने में ।

आप कपालभाति, प्राणायाम, तैराकी, ये सब भी करें बहुत लाभ है इसका



धूम्रपान छोड़के करें मधुमेह का बचाव - quit smoking for diabetes in hindi




धूम्रपान बहुत ज्यादा बुरा असर करता है हमारे शरीर पर
शराब और सिगरेट पीने से बचें।



शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज ) का परीक्षण - diagnosis of Diabetes in hindi





सामान्यतः यह दो प्रकार से होता है

1- खाली पेट
2- खाना खाने के बाद


रक्त शर्करा का परीक्षण आपके रक्त में ग्लूकोस नामक एक प्रकार की चीनी को मापता है। यहां विभिन्न प्रकार में ब्लड ग्लूकोस टेस्ट बताये गए हैं

जिनसे पता चलता है की आपको मधुमेह है या नहीं ।

खाली पेट रक्त शर्करा जांच है डायबिटीज टेस्ट -fasting  blood sugar  diagnose for diabetes in hindi

इस टेस्ट में सुबह सो के उठने के बाद खाली पेट ही ब्लड टेस्ट लिया जाता है

खाना खाने के बाद रक्त शर्करा जांच शुगर टेस्ट का तरीका है - Post prandial blood sugar for Diabetes in hindi

इस टेस्ट में खाना  खाने के 2 घंटे बाद टेस्ट किया जाता है।



इसका एक तरीका और है

मधुमेह की जांच करें रैंडम ब्लड शुगर से - random blood sugar test for diabetes in hindi





यह टेस्ट उनके लिए हैं जिनके पास ज्यादा  समय ना रहे वो यह टेस्ट खाने के पहले या खाने में बाद कभी भी करा सकते हैं।






मधुमेह के निदान में लिए मापदंड - criteria for Diagnosis Of diabetes in hindi





नीचे बताये गए परिणामों में से अगर कोई भी परिणाम आपके टेस्ट की जांच में निकलता है तो आपको  शुगर होने की संभावना बढ़ जाती है।


1- अगर खाली पेट( fasting blood sugar level ) रक्त शर्करा का स्तर 126मिलीग्राम/ डीएल के बराबर या उससे अधिक है।

2- खाने के बाद रक्त शर्करा जांच ( 2- hour postprandial blood sugar) के परिणाम में अगर ब्लड शुगर लेवल 200मिलीग्राम / डीएल के बराबर या उससे अधिक हो।

3- हीमोग्लोबिन  ए1सी (hemoglobin a1c ) टेस्ट में अगर स्तर 6.5 है  या जससे अधिक है।

4-  अधिक प्यास  लगना , बार बार पेशाब जाना है वजन कम होना  और रैंडम शुगर टेस्ट में आपका रक्त शर्करा का स्तर 200 मिलीग्राम या  उससे अधिक होना।



शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) का इलाज - Diabetes treatment in hindi


मधुमेह ऐसी बीमारी है जिसके उपचार के लिए कई दवाये उपलब्ध है ।



1 - मधुमेह उपचार के लिए इंसुलिन - insulin to treat Diabetes in hindi


इन्सुलिन का इंजेक्शन type 1 और  type 2 के लिए बहुत अच्छा है और बहुत जल्दी फायदा करता है।


2- मधुमेह का इलाज करें मेटफॉर्मिंन - metformin for diabetes in hindi



3- डायबिटीज की दवा है साल्फोंऐलुरिया - sulfonlureas for diabetes treatment in hindi


Glibenclamide
Glimepride
Gliclazide
Glyclopyramide


और बहुत सी दवाये होती है


हम आपको कुछ जानी मानी दवाओ के नाम बता रहे हैं
उसके दाम के साथ


Actrapid  -----  1250rs

Adglim   ------ 40rs

Adizone ------  17rs

Advog m -------- 71rs


Afoglip m --------- 142rs


Agivog m ---------- 55rs

Basalog ------------- 1380rs


Baymet ----------------- 7rs







Monday, October 15, 2018

How to cure typhoid | टाइफायड कैसे ठीक करें

How to cure typhoid

टाइफाइड कैसे ठीक करें



टाइफॉयड साल्मोनेला बैक्टीरिया से फैलने वाली खतरनाक बीमारी है । जिसे हम मीयादी बुखार भी कहते हैं।
टाइफॉयड बुखार पाचन तंत्र और ब्लड स्ट्रीम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन की वजह से होता है।
यह एक बहुत ही तेजी से फैलने वाली बीमारी है।

How to cure typhoid  | टाइफायड कैसे  ठीक करें
typhoid fever




How to cure typhoid 



तो चलिए आज हम जानते हैं कि
 टाइफॉयड क्या है
टाइफॉयड कैसे ठीक करें
टायफाइड के लक्षण क्या क्या हैं
इसके उपचार क्या हैं

टाइफ़ाइड से कैसे बचाव करें

टाइफाइड क्या है

टाइफाइड के बैक्टीरिया इंसानो में ही पाए जाते हैं। यह एक संक्रमण से होने वाली बीमारी है
। यह दुषित पानी और खाद्य पदार्थो से भी होता है यह दूषित खाद्य पदार्थो और पानी के रास्ते शरीर मे पहुँच कर संक्रमण फैलता है यह सामान्य बुखार से अधिक तेज और अधिक दिन तक रहने वाला बुखार है।   


typhoid ka ilaaj
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           How to cure typhoid |  टाइफायड कैसे  ठीक करें



 टाइफॉयड के लक्षण


इसके कई सारे लक्षण है     अधिक दिन तक रहने वाला बुखार इसका प्रमुख लक्षण है लेकिन बुखार के साथ
भूख कम लगना
सिर दर्द होना
शरीर मे दर्द होना
ठंड लगना,
दस्त लगना
सुस्ती
कमजोरी और उल्टी जैसे लक्षण दिखते है।

               टाइफॉयड की जांच


typhoid symptoms
typhoid ka ilaaj


सबसे पहले रोगी के खून की जांच की जाती हैं। इसके अलावा रोगी का स्टूल टेस्ट करके उसके शरीर मे वैक्टीरिया की मौजूदगी का पता लगाया जाता है ।
विडाल टेस्ट  वर्तमान समय मे टाइफाइड के टेस्ट का सबसे प्रचलित तरीका है लेकिन लेकिन कुछ बार टाइफाइड ठीक होने के बाद भी सालोसाल रोगी के खून में विडाल टेस्ट पॉजिटिव आता रहता है इस स्थिति में स्टूल और टाइफाइड टेस्ट कराना बेहतर विकल्प है।संक्रमण ज्यादा होने पर अगर मरीज़ को ज्यादा पेट दर्द या उल्टी हो तो सोनोग्राफी भी करनी पड़ सकती है।


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                 टाइफाइड का इलाज


टाइफाइड का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के जरिये किया जाता है। शुरुआती अवस्था का टाइफाइड एंटीबायोटिक गोलियों और इंजेक्शन से ठीक किया जा सकता है।
सामान्यत: टाइफाइड एक महीने तक चलता है, लेकिन कमजोरी ज्यादा होने पर रोगी को सामान्य होने पर लंबा समय लग सकता है।




How to cure typhoid    


typhoid prevent
prevent from typhoid


           कैसे करे मरीज की देखरेख


टाइफाइड के दौरान बुख़ार तेज आता है ऐसे में किसी कपड़े को ठंडे पानी में भिगाकर शऱीर को पोछने और ठंडे पानी की पट्टी सिर पर रखने से भी शरीर का तापमान कम होता है।
कपड़े को थोड़ी-थोड़ी देर पर बदलते रहना चाहिए।

ये ध्यान रखना जरूरी है कि पानी बर्फ का न हो पट्टी रखने के लिए हमेशा साधारण पानी का इस्तेमाल करे।


What is hair transplant



                    घरेलू उपचार


1. गिलोय और पपीते के पत्ते का रस एक कप दिन में दो से तीन बार जरूर पिये इससे बुखार तीन से पांच दिन में सामान्य हो जाता है।

2. अनार के पत्तो का रस भी फायदा करता है।

3. तुलसी, लौंग और अदरक की बनी चाय दिन में दो बार पीने से भी लाभ होता है।

4. लहसुन गर्म होता है और यह एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है।घी में 5,6 में लहसुन कि कलिया पीस कर तले।

5. पके हुए केले में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार खाये।

6. लौंग में टाइफाइड ठीक करने के गुण होते है इसलिए 5,6 पानी मे पांच से सात लौंग डालकर अच्छी तरह उबालकर दिन में कुछ बार पीने से टाइफाइड बहुत जल्दी ठीक होता हैं।


सुबह 30 मिनट धूप लेने से टाइफाइड बुखार बहुत जल्दी सही हो जाता है।