Sunday, December 2, 2018

Asthma ke liye yoga

अस्थमा जिसका इलाज हम आज
Asthma ke liye yoga के रूप में जानेंगे
जैसा कि सभी जानते हैं कि आजकल जैसे जैसे प्रदूषण बढ़ रहा है वैसे वैसे अस्थमा के रोगी भी बढ़ते जा रहे हैं चूँकि यह जड़ से रोग दूर नही किया जा सकता इसलिए इस नियंत्रित करने के लिए अलग अलग तरीको का प्रयोग करते हैं ।
इनमे से Asthma ke liye yoga भी एक सरल और कारगर उपाय है।
हम सभी जानते हैं कि योग हमारे देश मे कई युगों से चलता आ रहा है । ये ना सिर्फ अस्थमा के लिए बल्कि लगभग हर बीमारियों में इसका बहुत ही ज्यादा लाभ है ।

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तो चलिए पहले जानते हैं कि

1- अस्थमा क्या होता है ।

2- अस्थमा कैसे होता है ।

3- अस्थमा में बचाव कैसे करें ।


और भी बहुत सी  खास जानकारी ।


1 -             अस्थमा क्या होता है ( what is Asthma )


Asthma kya hai




   Ashtma जिसे हम " दमा " भी कहते हैं वो एक कई तरह की होने वाली एलर्जी  से होने वाली सांस की नालियों या जिससे हम सांस लेते है वायुमार्ग  में होती हैं ।

दमा में  सांस लेने वाली नालियों में संकुचन या जिसे हम सिकुड़ना बोलते हैं वो होने लगता है ।

इससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है जिसके वजह से दम घुटने का कारण बनता है ।
और उसी वजह से हमे खांसी , सांस फूलना , सांस ठीक से ना ले पाना , घबराहट आदि होने लगता है ।



2-                           अस्थमा के कारण (  Asthma causes in hindi)


अस्थमा के होने के बहुत से कारण होते हैं ।  तो हम आपको उनमे से कुछ प्रमुख कारण बताएंगे ।


. वायुप्रदूष ( Air pollution )


asthma se bachav


 दमा रोग होने का सबसे बड़ा कारण हवा में फैली गंदगी ही  होती है ।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हवा की गंदगी में बहुत से रासायनिक पदार्थ पाए जाते हैं जिसकी वजह से सांस फूलना , हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना , जहरीली गैसों की वजह से हमारा स्वास्थ्य गिरना ये सब बहुत आम बात है

के रासायनिक पदार्थ होने की वजह से हमे एलर्जी होना भी काफी हद तक संभव है। 

.  धूम्रपान, शराब पीना 



smoking causes asthma


यह भी एक महत्वपूर्ण कारण है इसकी वजह से भी हमारे शरीर का immunity system कमजोर होने लगता है और  हमारा शरीर बीमारियों का घर बन जाता है ।
जैसा कि शराब या सिगरेट में बहुत ज्यादा भारी मात्रा में नुकसान पहुचाने वाले रासायनिक पदार्थ होते हैं।
उनमे से कुछ पदार्थों से हमे एलर्जी हो सकती है ।





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3-                            अस्थमा के लक्षण - 


. बलगम वाली या बिना बलगम के सूखी खांसी काफी दिनों तक रहना ।

. सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत होना ।
.  ठंढ बढ़ने के साथ साथ सांस लेने में दिक्कत का बढ़ना ।

. बोलने में कठिनाई या गले मे दर्द होना 



ये सब आम लक्षण है दमा के ।


4-                            अस्थमा में  बचाव 


अस्थमा दुनिया मे होने वाली उन बड़ी बीमारियों में से एक है ।
तो हम आपको बताएंगे कि अस्थमा में बचाव कैसे करें ।

. ठंढी  चीज़ो का सेवन कभी न करें - 


यह ठंढ के साथ साथ बढ़ने वाली बीमारी है अतः इसमे हमे ठंढी चीजो का सेवन नही करना चाहिए ।

Colddrink , icecream , ठंडे पेय पदार्थ ये सब हमे नही खाना-पीना चाहिए ।
hari sabjiyon ke labh damaa me


. हरि सब्जियों में है अस्थमा को नियंत्रित करने का राज -


हरी सब्जियों में बहुत से विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन्स बहुत चीजे पायी जाती हैं जो हमे बहुत लाभ पहुचाती हैं ।

गाजर और पालक का रस बहुत लाभदायक है दमा के मरीज के लिए ।


ओमेगा-3 फैटी एसिड भी लाभ करता है ।

अदरक ,मिर्च, लहसून , ये सब भी अपने खाने में जरूर शामिल करें।

. गर्म पानी है अस्थमा में लाभदायक 


पानी को गर्म करके पीने से सांस लेने की तकलीफ में काफी
राहत मिलता है और खांसी या कफ के जमा होने में भी यह लाभदायक है ।


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                                     Asthma ke liye yoga 


इसमे 4 चरण में योग कराया जाता है 

1- योगासन

2- प्राणायाम

3-  षटकर्म

4- ध्यान 


ये 4 प्रमुख योगासन है दमा को ठीक करने के लिए ।

1-                                योगासन के लाभ दमा में -



yoga for asthma


जैसा कि हम सभी जानते हैं कि योगासनों से दमा ही नही बल्कि सारी बीमारियों का इलाज संभव है ।
यह हमारे शरीर को लचीला , फूर्त, स्वस्थ बनाता है ।
कुछ निम्न योगासन इस प्रकार हैं

. पवनमुक्तासन
. नावासन
. चक्र पादासान
.उत्तानपादासन 


2-                                               प्राणायाम -


  प्राणायाम लगभग सांस से मिलती जुलती हर बीमारियों का सफल उपयोग है । प्राणायाम में अस्थमा को काफी हद तक कम कर लेने का राज है । 

अस्थमा का इलाज केवल फेफड़ों को खोलना ही नही बल्कि फेफड़ो में से सूजन को हटाना भी है ।

और ऐसे कई सारे योगासन हैं जिनसे फेफड़ों के सूजन दूर किया जाता है । उनमे से प्राणायाम भी एक महत्वपूर्ण योगासन है ।

आप निम्न प्रकार के प्राणायाम कर सकते हैं ।

. सरल प्राणायाम
. अनुलोम - विलोम प्राणायाम
.  कपालभाति प्राणायाम


3-                   अस्थमा में षट्कर्म के लाभ -


षटकर्म जैसे योग में इतनी ताकत होती है कि मानव शरीर मे उत्पन्न होने वाले सभी सांस से संबंधित रोग और बलगम को जड़ से निकाल देता है ।
शरीर से बलगम निकाल देने के बाद फेफड़ो में ऊर्जा, सांस लेने में राहत और अस्थमा में होने वाली अटैक को रोका जा सकता है ।


छः योग के छः क्रिया को षटकर्म कहते हैं ।

4-                                ध्यान है दमा में लाभकारी -

Meditation के बहुत से लाभ है उन लाभो में ये भी एक है जिससे हमारा एकगत्र होने की क्षमता को बढ़ावा मिलता है ।
और हम इसमे सांस को एक उचित तरीके से छोड़ते और ग्रहण करते हैं जिससे यह सांस को नालियों में बहुत अच्छा परिणाम देता है जिसके फलस्वरूप हमे दमा में होने वाली कष्टों से दूर रखने में खुद को मदद मिलता है ।



              












Saturday, November 24, 2018

Top 5 best Seafood


Top 5 best seafood in Hindi


आज हम Top 5 best seafood in Hindi के बारे में बात करेंगे।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि seafood बहुत ही testy और बहुत ही लाभदायक होता है


Top 5 seafood in India तो वैसे तो seafood  हर जगह पाया जाता है लेकिन India में भी यह बहुत प्रचलित है ।

Seafood में  बहुत से item आते हैं  जो vitamins और minerals से भरे होते हैं साथ ही साथ इनमे iron की मात्रा भी बहुत अधिक होती है जो हमारेके शरीर की बहुत ही ज्यादा लाभ पहुचाती है ।



तो सबसे पहले हम जानते हैं कि seafood होता क्या है ।

What is seafood -





अगर आपसे कोई पूछे कि seafood क्या होता है तो ये निश्चित है कि आप उसे seafood का मतलब तुरंत बता दोगे
क्योंकि seafood के नाम का ही मतलब है कि समुद्री खाना ।

Top 5 best seafood







यह मिथ है कि seafood में सिर्फ  nonveg  ही आता है लेकिन जो इसका सेवन करते हैं उन्हें यह बखूबी पता है कि seafood में veg और nonveg दोनो ही भारी मात्रा में पाया जाता है ।

जब भी हम seafood का नाम लेते हैं तो हमारे दिमाग मे सबसे पहले मछली ,झींगा, कर्ब्स यही सब आता है ।

इसलिए हम आपको आज best seafood के बारे में बताएंगे ।

ज्यादातर लोगों का मानना है कि seafood सिर्फ चेन्नई, पुणे, बंगलोर, इन सब जगह ही मिलता है भारत  में लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है ।

आइये हम जानते है कि


Top 5 best seafood -


1- fish (मछली) -


fish seafood

  जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि भारत में मछली का एक अलग ही स्थान है । यह बहुत ही चाव से खाया जाता है ।
इसे फ्राई करके या तरी लगा के भी खा सकते हैं ।
हर जगह यह अलग अलग तरीकों से बनाया जाता है ।
भारत मे मछलियों की कई प्रजातियां पायी जाती हैं ।
मछलियों में भर भर के omega 3 ,protien, minerals ,multivitamins मिलते हैं ।


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2- झींगा -


seafood


झींगा भारत के समुंद्री तटीय जगहों पर बहुत ही प्रमुख डिश मानी जाती है ।
 इसको भी फ्राई और तरी लगा के बनाया जाता है ।

तवा और  मसाला झींगा दोनो ही बहुत ही स्वादिष्ट व्यंजन होते हैं जिसे जैतून के तेल या सरसो के तेल में भूना जाता है ।
यह बहुत ही कम समय मे पक जाता है ।
 इसे भारतीय मसालों के साथ पका के बड़े ही  चाव से खाया जाता है ।

इसमे भी मछली की तरह vitamins, minerals, प्रोटीन, मिलता है और यह iron का भी अच्छा स्रोत है ।


3- केकड़ा -


kekda


 पूरे भारत मे ऐसी बहुत सी जगह हैं जहां पे केकड़ा बहुत ही मन से खाया जाता है चूंकि यह बहुत लाभकारी होता है इसलिए इसका प्रयोग डॉक्टर भी करने को बताते हैं ।
वैसे ये भारत मे हर जगह पाया जाता है ।
केकड़े का सूप बहुत ही ज्यादा testy होता है और इसे नारियल के साथ पकाते हैं ।

4- लॉबस्टर - 


seafood lawbuster


 यह भारत मे स्पेशल चींजों में बहुत मांग वाली चीजें हैं ।
मेरे कहने का मतलब है कि यह भारत मे  शादी , बारात , पार्टियों में बहुत खाया जाता है ।

यह हमारे Top 5 best seafood का बहुत ही प्रसिद्ध व्यंजन है।

लॉबस्टर एक seafood है जिसकी मांग दिन पर दिन बढ़ती जा रही है ।

इसे हम उबाल के या ग्रिल करके मसालो के साथ भी कहा सकते हैं ।

लॉबस्टर लंच के लिए सबसे ज्यादा parfect व्यंजन है ।



5 - ओएस्टर -


यह बहुत ही प्रसिद्ध व्यंजन है ।  ओएस्टर के प्रकार से तैयार किया जाता है । उबाल के , फ्राई करके , तरी लगा के कैसे भी आप इसे बना सकते हैं ।

भारत मे कई जगह घोंघा भी खाया जाता है और यह समुन्द्रों के आस पास ही नही बल्कि धान ,गेहू इनकी खेतों में भी पाया जाता है ।

तो ये रहे हमारे Top 5 best seafood जिनके बारे में हमने आपको बताया ।











Friday, November 23, 2018

How to loss weight in hindi | जल्दी से वजन कैसे घटाएं

आज हम आपको बताने जा रहे हैं

How to loss weight in hindi  तो हम आपको आसानी से वजन घटाने के कुछ तरीके बताएंगे

Weight loss tips से आपको बहुत आसानी होगी अपना बधा हुआ मोटापा कम करने में ।




Weight loss करने के लिए हमे खुद को उस तरह ढालना चाहिए ।  वजन घटाना बहुत ही आसान है
हम आगे बताएंगे कि

 how to loss weight।




 Weight बढ़ने का हिसाब - किताब  सीधा साधा है कि आप आपका diet-plan आपका खाने का हिसाब कैसा है ।
आप कितने calories लेते हो और कितने calories burn करते हो ।

अगर ज्यादातर calories हमारी शरीर मे बच जाती हैं या इक्कठा हो जाती हैं तो वह शरीर मे fat बढाने लगती हैं ।

जिससे हमारा शरीर मोटा होने लगता है ।

अगर आपको अपना weight loss करना है तो आपको सबसे पहले एक मानक तय करना होगा । जैसे कि
आपको पहले BMI निकालनी चाहिए ।


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दरअसल BMI - BODY MASS INDEX है ।


यह बताता है कि आपके शरीर का वजन आपके उम्र , आपके लंबाई के अनुसार कितनी है और कितनी होनी चाहिए ।


जैसे -

  18.5 से  कम है तो - underweight
  18.5--25  है तो -     normal weight
25-29.9 है तो -        over weight
30 से ज्यादा है तो - obses (अधिक वजनी)




यदि आप obses या overweight हैं तो आपको अपना वजन कम करने की जरूरत है नही तो आपको शुगर , ब्लड प्रेशर, लिवर और तमाम तरह की बीमारियां होने का डर रहता है ।


वजन बढ़ने का कारण -


आम तौर पर weight gain यानी वजन का बढ़ना आपके खान पान और  आपके शरीरिक श्रम न करने की वजह से होता है ।

( अगर आपको कोई खास बीमारी नही है तो  वरना कुछ बीमारियों की वजह से भी हमारा वजन बढ़ने लगता है ।)

खान पान -



Weight बढ़ने का बहुत बड़ा कारण हमारा खान पान भी है
अक्सर हम बाजार से या पैक की हुई चीजें खाते हैं

अक्सर हम तली भुनी चीजे खाना ज्यादा पसंद करते हैं जो हमे अधिक calorie देते  हैं । हम ज्यादातर fast - food या बाहर का खाना खाते हैं जो हमारे शरीर मे अधिक fat को बढ़ावा देता है ।

एक सामान्य सी दिनचर्या वाले इंसान के लिए यह बहुत अधिक मात्रा में calories देता है  जो एक इंसान जो gym नही करता है yoga नही करता है उसके लिए fat का बढ़ना अधिक हो जाता है ।

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शारिरिक श्रम कम करना -



आज के व्यस्त जीवन मे हर कोई इंसान yoga या gym या  खेल कूद उतना ज्यादा नही कर पाता जितना करना चाहिए ।

 शारीरक श्रम से हमारा शरीर फुर्तीला होता है । और  अगर आप दिन में एक घंटा शरीर श्रम या खेलकूद कर रहे हैं तो आप स्वस्थ रहोगे और बीमारियों से दूर रहने में मदद मिलेगी ।   हमे football , table- tennis , badminton ,cricket etc  ऐसे खेल दिन में कम से कम जरूर खेलना चाहिए ।



जब आप खाना खाते हैं या  कुछ भी खाते हैं तो आपको खेल कूद से भोजन जल्दी पचाने में मदद मिलेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती जाएगी ।

और weight loss करने में आसानी होगी


अगर आप ये सब नही कर सकते हैं तो सुबह 30मिनट जरूर पैदल चलना चाहिए ।



Tips to lose weight in hindi
 वजन घटाने का तरीका



सुबह सुबह टहलें  morning walk-




अगर आपको वजन कम करना है तो आपको सुबह उठ के टहलने की आदत डालनी चाहिए । यह आपके शरीर को अत्यधिक ऊर्जा देगा और सुबह आपके भोजन पचाने  की क्षमता को बढ़ाता है  ।

सुबह टहलने से आपके शरीर की कई रोगों से छुटकारा मिलता है ।

यह आपको अधिक जवान दिखने में भी मदद करता है ।

आपको हर दिन कम से कम 30मिनट जरूर पैदल टहलना चाहिए ।



Water rich food खायें -


कई शोघ में यह पाया  गया है कि भारी खाने से वजन बढ़ता है और water rich food खाने से  हमारे शरीर मे पानी की मात्रा बढ़ती है जिससे हमारे शरीर मे fat नही बढ़ता ।

सुबह का नाश्ता जरूर करें -

 कुछ शोधों में यह पाया गया है कि सुबह का नाश्ता सही से करने से हमारे शरीर का metabolism बढ़ता है ।

सुबह का नाश्ता करने से हमारे शरीर को पोषण मिलता है । जिससे हम दिन भर ऊर्जावान रहते हैं ।

पर याद रहे कि नाश्ता भारी भरकम ना हो बहुत हल्का खाये जैसे ओट्स, दलिया, सलाद ये सब जरूर खाये ।



बाहर का खाना बंद करें -




बाहर के खाने में काफी मात्रा में fat होता है ।  हमे calories  बहुत अधिक मात्रा  में मिलता है । और यह हमारे शरीर मे fat को  बढ़ाता है ।  और यह वैसे भी नही खाना चाहिए बाहर का क्यूंकि यह बहुत नुकसान करता है हमारे शरीर को ।


Low - fat milk का प्रयोग करें -


हमे वजन अगर घटाना है तो full-cream milk को प्रयोग में लाना बन्द करना चाहिए और low- fat milk का ही प्रयोग करना चाहिए इसमे कम calories होती है ।


Dance - cardio join करें -




हमे dance या cardio जरूर करना चाहिए ।
इससे हम शरीर को और लचीला बना सकते हैं ।
हम जितना ज्यादा डांस करेंगे उतना  ही हमारे वजन को कम करने में मदद मिलेगी

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Diet chart for weight loss  in hindi -



सबसे पहले  आपको सुबह उठ के 2-3 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए आपको चाहिए कि आप हल्का गर्म पानी पीएं ये आपके वजन कम करने में बहुत मददगार साबित होगी ।
वैसे ये आपकी अपनी पसदं भी है कि हल्का गर्म या सादा पानी ।


सुबह की चाय Morning tea -


जहां तक हो सके हमे दूध से बनी चाय से दूरी रखनी चाहिए । और green tea ( हरा चाय ) पीना चाहिए इससे वजन कम करने में सहायता मिलती है ।


सुबह का नाश्ता breakfast -



सुबह के नाश्ते में आपको हल्का और सेहतमंद चीजे खानी चाहिए ।
सुबह ओट्स, दलिया , जूस  ये सब आपको बहुत फायदेमंद होती हैं जिससे हमें प्रोटीन , विटामिन्स ,मिनरल्स आदि मिलते हैं   ।  हरी सब्जियां भी खा सकते हैं या आप चाहे तो ब्रोकली , सलाद ये सब खा सकते हैं इससे आपको ऊर्जा और ताकत भी मिलेगी ।


Lunch का खाना -


brown rice , दाल , रोटी , सलाद, बिना मसाले वाली हरी सब्जियां ,  अंडे , ब्रोकली , सलाद , फ्रूट जूस , मक्के की रोटी , पत्तेदार सब्जियां  ये सब हमे अपने दोपहर के खाने में लेना चाहिए  अगर हम संन्तुलित भोजन करना है और हमे अपना वजन घटाना है तो ।

Dinner रात का खाना -


 एक कटोरा वेग सूप , या कटोरा भर के सलाद , या सिर्फ 1,2 आंटे की रोटी  या कोई भी हरी सब्जी की जूस ।

अगर वजन घटाना है तो रात का खाना हमारे लिए बहुत ज्यादा मायने रखता है  हर हम भारी भोजन करते हैं तो रात के खाने के बाद हमे सोना होता है  तो हमारे शरीर की क्रिया कलाप काफी कम हो जाती है जिससे वजन बढ़ने लगता है ।

Special tips for weight loss वजन घटाने के लिये कुछ खास  टिप्स -


नीम्बू - शहद का प्रयोग -


सुबह खाली पेट अगर हम एक बहुत हल्के गर्म पानी मे एक चम्मच शहद और आधा कटा नीम्बू का रस मिला के पीने से हमारे शरीर मे से जमा हुआ फैट कम होने लगता है ।


प्रोटीन- फाइबर- विटामिन्स खाये -


हमे ऐसी चीजें खानी चाहिए जिसमें भारी मात्रा में प्रोटीन हो  अंडा , हरि सब्जी, चना , फल ,ये सब कुछ प्रमुख श्रोत हैं प्रोटीन के लिए ।

सुबह गर्म पानी का प्रयोग -


सुबह खाली पेट 2,3 गिलास पानी जरूर पीये इससे हमारे शरीर का extra fat हटेगा और toxins भी निकलेंगे


सूखे फलों का सेवन -




सूखे फलों में जैसे बादाम , अखरोट, काजू , किशमिश आदि में भर भर के प्रोटीन और विटामिन्स होते हैं ।


Exercise, cardio, gym करना -


अगर वजन घटाना है तो हमे exercise, gym, yoga जरूर करना चाहिए । जिससे हमारे शरीर को स्वस्थ होने में मदद मिलता है और वजन को भी तेजी से घटाने में सहायता मिलती है।


योगा से वजन घटाए -


हमे वजन घटाने के लिए हमारे पूर्वजों हमारे वेदों द्वारा दी गयी अनमोल रतन योगासन जरूर करना  चाहिए ।

अनुलोम - विलोम , तैराकी , crunches , कपालभाति , मयूरासन आदि कुछ प्रमुख योगासन है वजन को घटाने के लिए ।





नोट - वजन ऐसे घटाना चाहिए जिससे कि आपको कमजोरी न लगे और ताकत भी बढ़े ।



















Wednesday, November 21, 2018

अश्वगंधा के फायदे और नुकसान | Ashwagandha benefits & side effects in hindi

 हेलो दोस्तों

आज हम आपको बताएंगे  एक ऐसी जड़ी बूटी जिसका नाम है अश्वगंधा । आज हम आपको अश्वगंधा के फायदे और नुकसान बताएंगे ।


अश्वगंधा खाने का तरीका , अश्वगंधा के फायदे , अश्वगंधा के नुकसान, अश्वगन्धा किसको कितना लेना चाहिए  सबकुछ। ।


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तो चलिए देखते हैं कि

अश्वगन्धा क्या है ( What is Ashwagandha)




 हमारी धरती पर प्रकृति के द्वारा कई सारी चीजें प्रदान की गई हैं जो हमे कई मामलों में लाभ पहुँचाते हैं ।

अश्वगन्धा एक पौधा होता है जिससे हम औषधि बनाते हैं।
इसका जड़ से एक ताना तक
पत्तो से लेके फूल तक हर चीज का औषधि बनता है ।
धरती पे पाए जाने वाले  उन बहुमूल्य चीजो में से एक है अश्वगन्धा जिसका प्रयोग हम 100% तक कर सकते हैं ।

यह किशमिश के आकार का लाल फल देता है ।

यह हल्के जलवायु वाले जगह पे आराम से उगाया जा सकता बौ ।

अश्वगन्धा के फायदे ( Benefits of Ashwagandha)


 अश्वगन्धा के तो बहुत से फायदे हैं  ।
हमारे  वेदों के अनुसार अश्वगन्धा एक ऐसी औषधि है जो  मन जाता है कि  हमारे  शरीर में घोड़े जैसी ताकत डाल सकती है

यह बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है । यह एक वरदान से कम नही है ।

. अश्वगन्धा हमारे शरीर मे रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है ।
. अश्वगन्धा हमारे शरीर  में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है ।
. यह एक  मलेरिया विरोधी औषधी है ।
. यह महिलाओं और पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ाता है ।
. अश्वगन्धा हमारे शरीर में शुक्राणु की संख्या बहुत जल्दी बढ़ाता है ।
. यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है ।


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यह  इसका प्रमुख लाभ है ।
तो चलिए हम जानते हैं कि और क्या क्या प्रमुख लाभ है ।

अश्वगन्धा का लाभ पुरुषों के लिए - ( Benefits of Ashwagandha for man )




 पुरुषों के लिए अश्वगन्धा को बहुत ही ज्यादा लाभकारी  होता है ।
पुरुषों में शुक्राणु की संख्या को बहुत जल्दी बढ़ाता है।
यह पुरुषो के  शारीरिक थकान, कमजोरी को दूर करता है ।
 और यह चिंता को भी कम करता है।

अश्वगन्धा का लाभ टेस्टोस्टेरोन को बढाने के लिए - (Benefits of Ashwagandha for increase Testosterone level )




अश्वगन्धा में पाए जाने वाले तत्व टेस्टोस्टेरोन लेवल को भी बढ़ाता है । यह बहुत ही अच्छा और बहुत ही उपयोगी होता है जो पुरुषों के शरीरिक संबंध की क्षमता को बढ़ाने में बहुत मदद करता है । अश्वगन्धा एक सेक्स हॉर्मोन है जिसकी मात्रा कम हो जाने पर  खास तौर से पुरुषों में शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा कम हो जाती है । तो अश्वगन्धा हमारे टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ा के शरीर मे क्षमता को बढ़ाता है।

 अश्वगन्धा का उपयोग वजन बढ़ाने के लिए - ( Use of Ashwagandha for weight gain)



जो लोग दुबले पतले हैं उनके लिए अश्वगन्धा बहुत ही ज्यादा उपयोगी साबित होता है ।
यह हमारे शरीर मे भूख लगने की क्षमता को बढ़ाता है । इसके उपयोग से  हमारा शरीर हमारे द्वारा खाये गए भोजन को बहुत अच्छे से पचाता है जिसके फलस्वरूप हमे खुल के भूख लगती है और हमे अच्छे से  खाने पीने के लिए प्रेरित करती है ।

अश्वगन्धा का उपयोग बॉडी बिल्डिंग में - ( uses of Ashwagandha for Body Building)





जब हम जिम जाते हैं तो हमारे शरीर को ज्यादा से ज्यादा न्यूट्रिशन की जरूरत होती है और अश्वगन्धा इसकी कमी को पूरा करता है ।  हमारे भोजन को पचाता है और हमारे मांशपेशियों को मजबूत बनाता है ।
हमारे हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है ।
 अच्छे अच्छे बॉडी बिल्डर अश्वगन्धा का प्रयोग जरूर करते हैं ।


अश्वगन्धा का  उपयोग लंबाई बढ़ाने में - ( uses of Ashwagandha for incressini height )


अश्वगन्धा लंबाई बढ़ाने में भी लाभकारी है।

शाम को सोते समय एक गिलास दूध में छोटा चम्मच से आधा चम्मच अश्वगन्धा चूर्ण मिलाके पीने से  40-45 दिन में लम्बाई बढ़ने के आसार होते हैं ।



अश्वगन्धा का फायदा आंख की रोशनी बढ़ाने में - benefits of Ashwagandha in eye problems)


अश्वगन्धा , आंवला , मुलेठी  इन  तीनो  को समान मात्रा में मिला के चूर्ण बनाके खाने से आंख की रोशनी बढ़ती है ।


अश्वगन्धा का लाभ सेक्स पावर बढाने के लिए - ( ashwaAshwag for sex power)




अश्वगन्धा के सेवन से हमारा वीर्य काफी गाढ़ा बनता है जो हमारे सेक्स करने की समय को बढ़ाता है   और वीर्य की गुडवत्ता को भी बढ़ाता है । सेक्स करते समय आने वाले जल्दी थकान को भी दूर रखता है ।

 इंफेक्शन दूर करने के लिये अश्वगन्धा के उपयोग - ( Ashwagandha for infection) 


जैसा कि हम जानते हैं यह पुरुषों के लिए बहुत लाभकारी है ठीक वैसे ही यह महिलाओं के लिये भी बहुत लाभदायक है ल
यह एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल दोनो होता है ।

महिलाओ में सूजन होना आम बात है और
महिलाओ के गर्भाशय में हुए सूजन को भी कम करता है ।
जिन महिलाओं के योनि से सफेद चिपचिपा पदार्थ निकलता है उनके लिए अश्वगन्धा बहुत ही लाभकारी है ।


अश्वगन्धा का लाभ  जवान दिखने में , त्वचा के लिए - ( Ashwagandha for look younger)




अश्वगन्धा के प्रयोग से  हमारी  त्वचा बहुत अच्छे से टाइट और चमकदार हो जाती है  जिससे हम जवान दिखने लगते हैं । यह हमारे त्वचा की झुर्रियों को दूर करता है ।

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हमारे बालों के लिये भी ये काफी फायदा करता है ।

बालों को काला , घना, और मोटा बनाता है ।

हमारे बालों को झड़ने से बचाता है ।

इसके सारे लाभ बता पाना मुमकिन नही है  बाकी मैंने कुछ महत्वपूर्ण फायदे आपको बता दिया हूँ ।




 अश्वगन्धा में क्या क्या पाया जाता है - ( ingredients in Ashwagandha)



इसमे कई उपयोगी रसायन शामिल होते हैं ।

फैटी एसिड
एमिनो एसिड
ऐलकिलाइड
कोलिन
थेनॉलिड ( स्टेरॉइड लैक्टोन)
शर्करा
मल्टीविटामिन्स


आदि ये सब प्रमुख  रसायन हैं जो अश्वगन्धा में पाए जाते हैं।


अश्वगन्धा के नुकसान - ( side effects of Ashwagandha)


जिस तरह हमें अश्वगन्धा से बहुत से फायदे होते हैं उसी तरह इससे कुछ नुकसान भी होते हैं ।
वैसे तो  इसका कोई खास नुकसान नही होता है लेकिन  फिर भी हम आपको इसके कुछ नुकसान बताने की कोशिश करेंगे ।

1- गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए ।
2- इसके ज्यादा सेवन से  इंसान को अधिक नींद आती है ।
3- बुखार में इसके सेवन से  बुखार में खाने वाली दवा का असर कम हो सकता है ।
4- यदि आपको कोई बीमारी है और आपका दवा चल रहा है तो आपको अश्वगन्धा का सेवन नही करना चाहिए क्योंकि यह दवाओं के असर को कम कर देता है ।
5- कोई महिला अगर स्तनपान कराती है तो उसे भी इसका सेवन नही करना चाहिए ।
6- जिनको अल्सर की समस्या हो उनको इस्तेमाल सुबह या खाली पेट नही करना चाहिए ।
7- ज्यादा मात्रा में खाने से आपको त्वचा में खुजली और  लाल चत्तके की तरह शरीर पर पड़ सकता है ।



अश्वगन्धा का सेवन कैसे करें - ( how to use Ashwagandha)


अश्वगन्धा  बाजार में चूर्ण और कैप्सूल की के  रूप में मिलता है ।

अगर हम इसका सेवन चूर्ण के रूप में कर रहे तो
12-18  साल के लोगो को छोटे चम्मच से आधा चम्मच दिन में 1-2 बार ।

18-45 साल के लोगो को एक छोटा चम्मच  दिन में एक बार ।
45+  साल के लोगो को छोटे चम्मच से आधे से कम चूर्ण खाना चाहिए ।


अगर आप कैप्सूल् के रूप में कर रहे हों तो एक कैप्सुल एक दिन में खाएं ।


नोट - 2 महीने लगातार सेवन करने के बाद 1 महीने के लिए अश्वगन्धा का प्रयोग न करें ।
हर 2 महीने इसका सेवन करने के बाद 1 महीने का गैप जरूर करें ।


 अगर आप चूर्ण के रूप में इसको ले रहे हैं तो  दूध के साथ या  हल्का गर्म पानी के साथ इसका प्रयोग करें ।


मैंने लगभग सभी चीजें बता दी हैं लेकिन अगर  आपको कुछ भी पूछना हो या कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं।

धन्यवाद ।









Wednesday, October 17, 2018

थायराइड का इलाज - Thyroid treatment in hindi

   थायराइड  -   Thyroid in hindi



थायराइड एक ग्रंथि होती है जो गले के ठीक सामने रहता है।
यह ग्रंथि  आपके शरीर के मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रण करती है




 यानी जो भोजन हम खाते है यह उसे ऊर्जा में बदलने का कार्य करता है।

उसके अलावा यह आपके हृदय , मांशपेशियों, हड्डियों व कोलेस्ट्रॉल को भी प्रभावित करता है।

थायराइड को साइलेंट किलर भी कहते हैं।
क्योंकि इसके लक्षण एक साथ नहीं दिखते हैं।

. थायराइड की समस्या पिट्यूटरी ग्रंथि के कारण भी होती है।
. रजोनिवृति में असमानता भी थायराइड का कारण बन सकता है।
. थायराइड से ग्रस्त मरीजो को  थायराइड फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए।






थायराइड के कारण - thyroid causes in Hindi


. थायराइड कई कारणों से हो सकता है। इनमे से ये प्रमुख हैं।

1- थायराइडिस् - यह सिर्फ एक बढ़ा हुआ थायराइड ग्रंथि है, जिसमे थायराइड हार्मोन बनाने की क्षमता कम हो जाती है।

2- सोया उत्पाद -  एसोफ्लेवोन् गहन सोया प्रोटीन, कैप्सूल और पाऊडर के रूप में सोया उत्पादों का जरुरत से  ज्यादा प्रयोग भी थायराइड होने के कारण हो सकते हैं।

3- दवाएं - कई बार दवाओ के प्रतिकूल प्रभाव ( साइड इफ़ेक्ट) भी थायराइड की वजह हो सकती है।

4- हैपोथैल्मिक  रोग - थायराइड की समस्या पिट्यूटरी ग्रंथि के कारण भी होती है क्योंकि यह थायराइड ग्रंथि हार्मोन्स  को उत्पादन करने के संकेत नही दे पाती।

5-  आयोडीन की कमी - आयोडीन की कमी से भी थायराइड हो सकता है।

6-  तनाव -  जब तनाव ज्यादा होने लगता है तो हमारे थायराइड ग्रंथि पे असर पड़ता है। यह ग्रंथि हार्मोन्स के स्तर को बढ़ाता है।

7- ग्रेव्स रोग - ग्रेव्स रोग थायराइड होने का सबसे बड़ा कारण है। इसमें थायराइड ग्रंथि से थायराइड हार्मोन्स  का स्त्राव बहुत बढ़ जाता है। ग्रेव्स रोग ज्यादा टार 20-45 के उम्र के बीच की महिलाओ को  होता है।
ये रोग अनुवांशिक भी हो सकता है और एक ही परिवार के कई लोगो को प्रभावित कर सकता है।

8- रजोनिवृति- यह भी थायराइड का कारण है क्योंकि महिला में कई प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं जो कई बार थायरायड के स्तर को बढ़ा देते हैं।







थायराइड के लक्षण -  thyroid symptoms in hindi


थायराइड की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम हो जाती है।


थायराइड के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं-


. जल्दी जल्दी थकान होना।
.शरीर सुस्त रहना।
.थोडा मेहनत करते ही ऊर्जा की कमी लगना।
.डिप्रेशन में जाने लगना।
.जोड़ो में दर्द होना।
.मांसपेशियों में दर्द रहना।
.याददाश्त कमजोर होना।


थायराइड ग्रंथि क्या है - what is thyroid gland


थायराइड कोई रोग नहीं है बल्कि एक ग्रंथि का नाम है जिसकी वजह से ये रोग होता है।
दरअसल थायराइड गर्दन के नीचे हिस्से में पाई जाने वाली क इनडोक्राइन ग्रंथि है।
थायराइड ग्रंथि का नियंत्रण पिट्यूटरी ग्लैंड से होता है जबकि पिट्यूटरी ग्लैंड को हाइपोथेलेमस कंट्रोल करता है।
ये दो प्रकार के हार्मोन्स बनाती है।

एक टी3 जिसे ट्राई-आयोडो-थायरोनिन  कहते  हैं।
दूसरी टी4 जिसे थायरोक्सिन कहते हैं।

जब थायराइज से निकलने वाले ये दोनों हार्मोन जब असंतुलित होते हैं तो थायराइड की समस्या हो जाती है।




थायराइड का परीक्षण - Diagnosis of thyroid in hindi


फिजियोलॉजी -  थायराइड ग्रंथि से हैपोथालेमस, पिट्यूटरी2 ग्रन्थियां और थायरॉइड सभी मिलकर थायरोक्सिन और ट्राइआयोडोथाइरोनाइन के निर्माण में सहयोग करते हैं।

थायराइड को उकसाने वाले हार्मोन थायराइड से टी3 और टी4 को छोड़ते हैं। थायरोक्सिन या टी4  थायराइड से निकलने वाला प्रमुख हार्मोन है।

फिजियोलॉजी के जरिये इन हार्मोन्स की जांच की जाती है जिससे थायराइड का पता चलता है।


स्क्रीनिंग - इसके जरिये थायराइड के मरीज का पूरी तरह से जांच संभव तो नहीं है लेकिन कुछ मामलो में फायदा भी करता है जैसे  जन्मजात मरीज और बच्चों की स्क्रीनिंग जांच से थायराइड का पता चलता है और मधुमेह रोगियो में स्क्रीनिंग से थायराइड का जांच होता है।





थायराइड फंक्शन टेस्ट ( टी फ टी )


थायराइड के मरीज के किये थायराइड फंक्शन टेस्ट किया जाता है।  इससे यह निश्चित हो जाता है की मरीज हैपोथायराइड है या हायपरथायराइड ।
 इस जांच से टीएसएच सीरम की संवेंदशीलता का पता चलता है।





थायराइड का इलाज - thyroid treatment in hindi


रेडियोएक्टिव आयोडीन ट्रीटमेंट -  थायराइड के मरीज को रेडियोएक्टिव आयोडीन दवाई या लिक्विड के द्वारा किया जाता है।
इस उपचार के द्वारा थायराइड की ज्यादा सक्रिय ग्रंथि को काटकर अलग किया जाता है।
इस थेरेपी से 8-12 महीने में थायराइड समाप्त हो जाता है।


सर्जरी - सर्जरी के द्वारा आंशिक रूप से थायराइड ग्रंथि को निकाल दिया जाता है, जो कि बहुत सामान्य तरीका है।
थायराइड के मरीजो में सर्जरी के द्वारा उसके शरीर से थायराइड के उत्तकों को निकाला जाता है जो की ज्यादा थायराइड हार्मोन पैदा करते हैं।

प्रेग्नेंट महिलायें और बच्चे जो थायराइड की दवाओ को बर्दाश्त नहीं कर सकते उनके लिए सर्जरी उपयोगी है।




एंटीथायराइड को कैसे कंट्रोल करे - tips for control thyroid


थायराइड संबंधी सभी समस्याओ से बचना आसान तो नहीं, लेकिन खानपान के जरिये इससे होने वाली समस्याओ को नियंत्रित किया जा सकता है।

थायराइड ग्रंथि को उचित आयोडीन से ठीक रखा जा सकता है।
पत्ता गोभी, फूल गोभी और शलगम आदि से दूर ही रहें  क्योंकि घेंघा बनने की संभावना होती है।



थायराइड कम करने के घरेलु उपाय - home remedies for thyroid in hindi



फ़ास्ट फ़ूड ( fast food ) - थायराइड होने पर तला , भुना, तेल, मसाले, बहुत कम खाने चाहिए। वरना दवाई का असर कम हो जाता है।

चीनी ( sugar) - ज्यादा मीठा खाने से बचे , चीनी का सेवन कम करें।

काफी ( coffee) - काफी में मौजूद एपिनेफ्रिन और नोरेपीनेफ्रिन थायराइड को बढ़ावा देते हैं।

गोभी - ( carli flower) - इसमें बन्दगोभी और ब्रोकोली खाने से भी बचें।

सोया -( soya) -  इसका प्रयोग कम करना चाहिए लेकिन मजबूरी में खाने के 4 घंटे बाद खा सकते हैं पर कम।











Tuesday, October 16, 2018

शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) - Diabetes in hindi

मधुमेह ( शुगर, डायबिटीज)  sugar kaise theek kare


एक पुरानी बीमारी है जो व्यक्ति के साथ आजीवन रहती है।
इसके कारण शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम होता है


1. शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के प्रकार - Types of Diabetes in hindi
2- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के लक्षण - Diabetes symptoms in hindi
3- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के कारण - Diabetes causes
4- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) से बचाव - Prevention of Diabetes in hindi
5- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) का इलाज - Diabetes treatment in hindi
6- शुगर (मधुमेह, डायबिटीज) की दवा - Medicines for diabetes in hindi
7- शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) का आयुर्वेदिक इलाज -  cure diabetes by aayurved


control blood sugar
DIABETES FREE WORLD



शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के प्रकार - Types of Diabetes in Hindi




मधुमेह को दो श्रेणी में बांटा गया है

Type 1 मधुमेह ( Type | Diabetes )




Type 1 में शरीर में इंसुलिन नहीं बनता है

Type 2 मधुमेह ( Type || Diabetes )





Type 2 का मतलब है की शरीर में इंसुलिन की मात्रा का काफी ना होना या उपस्थित इंसुलिन का सही इस्तेमाल ना होना जिस कारण ग्लूकोज़ कोशिकाओ में नहीं जाता और रक्त में उसकी मात्रा बढ़ जाता है।


 Type 1 मधुमेह एक आटोइम्मुने डिसऑर्डर ( Autoimmune Disorder) है, इसमें शरीर की श्वेत कोशिकाएं अग्नाशय की इंसुलिन  बनाने वाली कोशिकाओ को नष्ट कर देती हैं।

इसलिये type1 रोगियो को इंजेक्शन के माध्यम से अपने रक्त में इंसुलिन को तर करना होता है।


Type 2  मधुमेह में  शरीर  में उत्पादित इंसुलिन  का सही उपयोग नहीं हो पाता है।

शरीर में इंसुलिन की अतरिक्त मात्रा के कारण अग्न्याशय इन्सुलिन नहीं बनाता है।

इसलिये  type 2 के रोगी को मौखिक दवाओ और उचित जीवनशैली पर निर्भर रह सकते हैं।





शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) के लक्षण - Diabetes symptoms in hindi






मधुमेह के दौरान आपको बहुत प्यास लगती हैं क्योंकि शरीर में निर्जलीकरण  हो जाता है।

रक्त में अतिरिक्त शुगर की उपस्थिति के कारण गुर्दे रक्त को साफ़ करने के लिए अधिक काम करने लगते हैं और मूत्र के द्वारा अतिरिक्त शुगर  को शरीर से  बाहर निकालते हैं। इस कारण बार बार पेशाब आता है


मधुमेह में रोगी को अधिक थकान और जल्दी भूख लगती है।

रक्त शर्करा  का स्तर ठीक से संतुलित नहीं होता है, तब यह शरीर के घावों को भरने में मुश्किल हो जाता है और  घाव भरने में देर लगता है।

वजन में कमी, मतली और उल्टी, बाल गिरना, धूँधली दृष्टि , खुजली और समय से उपचार न किया जाय तो  गुर्दे की विफ़लता , दिल का दौरा , अंधापन, आदि गंभीर समस्या हो सकती है।


SUGAR




शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज ) के कारण - Diabetes causes  in hindi




1- आनुवंशिकी भी है मधुमेह का कारण - Diabetes caused by genetics in hindi

अगर पिता या माता को शुगर है तो संभावना है की बच्चे को भी हो जाए ।


2-  डायबिटीज के कारण हैं वयायाम ना करना - Lack of exercise causes diabetes in hindi

 व्यायाम  ना करने से सेहत पे असर पड़ता  है। व्यायाम से इंसुलिन लेवल अच्छा रहता है।


3-  शुगर का कारण है खराब आहार का सेवन - poor nutrition causes Diabetes in hindi

खराब पोषण type 2 मधुमेह में योगदान कर सकता है ।

 कैलोरी , वसा  और कोलेस्ट्रॉल आपके इंसुलिन के प्रगिरोध को बढ़ा सकता है।

4-  उम्र से संबंधित है मधुमेह से बचाव - prevention of diabetes  in hindi

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में  type 2 मधुमेह होने की संभावना  बढ़ जाती है।



5-  मोटापा है मधुमेह का कारण - Diabetes due to obesity in hindi







डायबिटीज में क्या खाएं - Diet plan for Diabetes patients in hindi



मधुमेह में आहार को को संतुलित रखना ही सबसे अच्छा बचाव् है।

अपने आहार में करेला, जौ, गेंहू, हल्दी,काली मिर्च, लहसुन, सन बीज ,ब्लू बेरी, आदि शामिल करें।

डायबिटीज में क्या ना खाएं -

सामान्य चावल के बजाय पके हुए चावल खाएं और कफ बढ़ाने वाले आहार ( घी, दही,आलू, मीठा, मिठाई, चीनी, मीठा चाय) इन सब से बचें।

अगर चाय पीना आपके लिए आवश्यक हो तो हरी चाय या तुलसी का चाय बिना चीनी मिलाये पीयें।



मधुमेह के लिए व्यायाम -  exercise for diabetes prevention in hindi


मधुमेह में रोगी को सुबह सुबह लगभग 3-5 किलोमीटर पैदल जरूर चलना चाहिए ये बहुत अच्छा उपाय है मधुमेह को सामान्य रखने में ।

आप कपालभाति, प्राणायाम, तैराकी, ये सब भी करें बहुत लाभ है इसका



धूम्रपान छोड़के करें मधुमेह का बचाव - quit smoking for diabetes in hindi




धूम्रपान बहुत ज्यादा बुरा असर करता है हमारे शरीर पर
शराब और सिगरेट पीने से बचें।



शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज ) का परीक्षण - diagnosis of Diabetes in hindi





सामान्यतः यह दो प्रकार से होता है

1- खाली पेट
2- खाना खाने के बाद


रक्त शर्करा का परीक्षण आपके रक्त में ग्लूकोस नामक एक प्रकार की चीनी को मापता है। यहां विभिन्न प्रकार में ब्लड ग्लूकोस टेस्ट बताये गए हैं

जिनसे पता चलता है की आपको मधुमेह है या नहीं ।

खाली पेट रक्त शर्करा जांच है डायबिटीज टेस्ट -fasting  blood sugar  diagnose for diabetes in hindi

इस टेस्ट में सुबह सो के उठने के बाद खाली पेट ही ब्लड टेस्ट लिया जाता है

खाना खाने के बाद रक्त शर्करा जांच शुगर टेस्ट का तरीका है - Post prandial blood sugar for Diabetes in hindi

इस टेस्ट में खाना  खाने के 2 घंटे बाद टेस्ट किया जाता है।



इसका एक तरीका और है

मधुमेह की जांच करें रैंडम ब्लड शुगर से - random blood sugar test for diabetes in hindi





यह टेस्ट उनके लिए हैं जिनके पास ज्यादा  समय ना रहे वो यह टेस्ट खाने के पहले या खाने में बाद कभी भी करा सकते हैं।






मधुमेह के निदान में लिए मापदंड - criteria for Diagnosis Of diabetes in hindi





नीचे बताये गए परिणामों में से अगर कोई भी परिणाम आपके टेस्ट की जांच में निकलता है तो आपको  शुगर होने की संभावना बढ़ जाती है।


1- अगर खाली पेट( fasting blood sugar level ) रक्त शर्करा का स्तर 126मिलीग्राम/ डीएल के बराबर या उससे अधिक है।

2- खाने के बाद रक्त शर्करा जांच ( 2- hour postprandial blood sugar) के परिणाम में अगर ब्लड शुगर लेवल 200मिलीग्राम / डीएल के बराबर या उससे अधिक हो।

3- हीमोग्लोबिन  ए1सी (hemoglobin a1c ) टेस्ट में अगर स्तर 6.5 है  या जससे अधिक है।

4-  अधिक प्यास  लगना , बार बार पेशाब जाना है वजन कम होना  और रैंडम शुगर टेस्ट में आपका रक्त शर्करा का स्तर 200 मिलीग्राम या  उससे अधिक होना।



शुगर ( मधुमेह, डायबिटीज) का इलाज - Diabetes treatment in hindi


मधुमेह ऐसी बीमारी है जिसके उपचार के लिए कई दवाये उपलब्ध है ।



1 - मधुमेह उपचार के लिए इंसुलिन - insulin to treat Diabetes in hindi


इन्सुलिन का इंजेक्शन type 1 और  type 2 के लिए बहुत अच्छा है और बहुत जल्दी फायदा करता है।


2- मधुमेह का इलाज करें मेटफॉर्मिंन - metformin for diabetes in hindi



3- डायबिटीज की दवा है साल्फोंऐलुरिया - sulfonlureas for diabetes treatment in hindi


Glibenclamide
Glimepride
Gliclazide
Glyclopyramide


और बहुत सी दवाये होती है


हम आपको कुछ जानी मानी दवाओ के नाम बता रहे हैं
उसके दाम के साथ


Actrapid  -----  1250rs

Adglim   ------ 40rs

Adizone ------  17rs

Advog m -------- 71rs


Afoglip m --------- 142rs


Agivog m ---------- 55rs

Basalog ------------- 1380rs


Baymet ----------------- 7rs







Monday, October 15, 2018

How to cure typhoid | टाइफायड कैसे ठीक करें

How to cure typhoid

टाइफाइड कैसे ठीक करें



टाइफॉयड साल्मोनेला बैक्टीरिया से फैलने वाली खतरनाक बीमारी है । जिसे हम मीयादी बुखार भी कहते हैं।
टाइफॉयड बुखार पाचन तंत्र और ब्लड स्ट्रीम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन की वजह से होता है।
यह एक बहुत ही तेजी से फैलने वाली बीमारी है।

How to cure typhoid  | टाइफायड कैसे  ठीक करें
typhoid fever




How to cure typhoid 



तो चलिए आज हम जानते हैं कि
 टाइफॉयड क्या है
टाइफॉयड कैसे ठीक करें
टायफाइड के लक्षण क्या क्या हैं
इसके उपचार क्या हैं

टाइफ़ाइड से कैसे बचाव करें

टाइफाइड क्या है

टाइफाइड के बैक्टीरिया इंसानो में ही पाए जाते हैं। यह एक संक्रमण से होने वाली बीमारी है
। यह दुषित पानी और खाद्य पदार्थो से भी होता है यह दूषित खाद्य पदार्थो और पानी के रास्ते शरीर मे पहुँच कर संक्रमण फैलता है यह सामान्य बुखार से अधिक तेज और अधिक दिन तक रहने वाला बुखार है।   


typhoid ka ilaaj
cure typhoid




                 

           How to cure typhoid |  टाइफायड कैसे  ठीक करें



 टाइफॉयड के लक्षण


इसके कई सारे लक्षण है     अधिक दिन तक रहने वाला बुखार इसका प्रमुख लक्षण है लेकिन बुखार के साथ
भूख कम लगना
सिर दर्द होना
शरीर मे दर्द होना
ठंड लगना,
दस्त लगना
सुस्ती
कमजोरी और उल्टी जैसे लक्षण दिखते है।

               टाइफॉयड की जांच


typhoid symptoms
typhoid ka ilaaj


सबसे पहले रोगी के खून की जांच की जाती हैं। इसके अलावा रोगी का स्टूल टेस्ट करके उसके शरीर मे वैक्टीरिया की मौजूदगी का पता लगाया जाता है ।
विडाल टेस्ट  वर्तमान समय मे टाइफाइड के टेस्ट का सबसे प्रचलित तरीका है लेकिन लेकिन कुछ बार टाइफाइड ठीक होने के बाद भी सालोसाल रोगी के खून में विडाल टेस्ट पॉजिटिव आता रहता है इस स्थिति में स्टूल और टाइफाइड टेस्ट कराना बेहतर विकल्प है।संक्रमण ज्यादा होने पर अगर मरीज़ को ज्यादा पेट दर्द या उल्टी हो तो सोनोग्राफी भी करनी पड़ सकती है।


CONTROL DHT LEVEL


                 टाइफाइड का इलाज


टाइफाइड का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के जरिये किया जाता है। शुरुआती अवस्था का टाइफाइड एंटीबायोटिक गोलियों और इंजेक्शन से ठीक किया जा सकता है।
सामान्यत: टाइफाइड एक महीने तक चलता है, लेकिन कमजोरी ज्यादा होने पर रोगी को सामान्य होने पर लंबा समय लग सकता है।




How to cure typhoid    


typhoid prevent
prevent from typhoid


           कैसे करे मरीज की देखरेख


टाइफाइड के दौरान बुख़ार तेज आता है ऐसे में किसी कपड़े को ठंडे पानी में भिगाकर शऱीर को पोछने और ठंडे पानी की पट्टी सिर पर रखने से भी शरीर का तापमान कम होता है।
कपड़े को थोड़ी-थोड़ी देर पर बदलते रहना चाहिए।

ये ध्यान रखना जरूरी है कि पानी बर्फ का न हो पट्टी रखने के लिए हमेशा साधारण पानी का इस्तेमाल करे।


What is hair transplant



                    घरेलू उपचार


1. गिलोय और पपीते के पत्ते का रस एक कप दिन में दो से तीन बार जरूर पिये इससे बुखार तीन से पांच दिन में सामान्य हो जाता है।

2. अनार के पत्तो का रस भी फायदा करता है।

3. तुलसी, लौंग और अदरक की बनी चाय दिन में दो बार पीने से भी लाभ होता है।

4. लहसुन गर्म होता है और यह एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है।घी में 5,6 में लहसुन कि कलिया पीस कर तले।

5. पके हुए केले में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार खाये।

6. लौंग में टाइफाइड ठीक करने के गुण होते है इसलिए 5,6 पानी मे पांच से सात लौंग डालकर अच्छी तरह उबालकर दिन में कुछ बार पीने से टाइफाइड बहुत जल्दी ठीक होता हैं।


सुबह 30 मिनट धूप लेने से टाइफाइड बुखार बहुत जल्दी सही हो जाता है।

Friday, September 28, 2018

Becadexamin capsule क्या है इसके फायदे और नुकसान क्या है

 दोस्तों आज हम आपको becadexamin capsule के बारे में बताएंगे


Becadexamin capsule क्या है इसके फायदे और नुकसान क्या है


   
Becadexamin capsule
Becadexamin


सबसे पहले जानते हैं कि  becadexamin है क्या ? 


Becadexamin एक multivitamin है जो कई vitamins का मिश्रण है।

Becadexamin capsule क्या है इसके फायदे और नुकसान क्या है

यह एक हेल्थ सप्लीमेंट है
जो हमारे शरीर मे विटामिनो की कमी को पूरा करता है

       Becadexamin में क्या क्या पाया जाता है?

becadexamin multivitamin capsules
becadexamin capsules




जैसा कि हमने आपको बताया कि यह एक हेल्थ सप्लीमेंट है  जिसमेे सारे विटामिन मिले होते हैं। यह हमारे शरीर को बीमारियों से दूर रखता है।

चलिए हम जानते हैं कि becadexamin कैप्सूल में मुख्य रूप से क्या क्या मिला होता है।


Becadexamin capsule क्या है इसके फायदे और नुकसान क्या है


Becadexamin में

 विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2 , विटामिन ई, विटामिन डी, निकोटिनामाइड,डी-पनथीनोल, विटामिन बी6, विटामिन सी, मोनोहाइड्रेट, पोटाशियम आयोडाइड, फोलिक एसिड, विटामिन बी 12, कॉपर सल्फेट, मैंगनीज़ सल्फेट आदि मुख्य रुप से पाए जाते हैं


   Becadexamin capsule ने घटकों की मात्रा


जैसा कि हमने आपको उपर बताया है कि becadexamin में क्या क्या पाया जाता है
तो चलिए हम जानते हैं कि कौन सा घटक कितनी मात्रा में पाया जाता है

लौह फ़्यूमरेट -  50 एमजी
फोलिक एसिड -  1 एमजी
विटामिन बी 1 -  5 एमजी
विटामिन बी 2 -  5 एमजी
विटामिन बी 6 -  2 एमजी
मैंगनीज़ सल्फेट -  0.1 एमजी
डी-पंतनोल -    5 एमजी
विटामिन बी 12 - 5 एमजीसी
विटामिन डी 3 -  400 आईयू
जस्ता सल्फेट -  50 एमजी
विटामिन डी 3  - 400 आईयू
मैग्नीशियम ऑक्साइड - 0.15 एमजी
कैल्शियम डीबसिक फॉस्फेट - 70 एमजी
पोटैशियम आयोडाइड - 0.025 एमजी
कॉपर सल्फेट  -   0.1 एमजी
निकोटिनामाइड -  45 एमजी
विटामिन ए  - 5000 आईयू
विटामिन सी -75 एमजी
विटामिन ई - 14 एमजी



         Becadexamin capsule के फायदे


becadexamin capsules benifits
Becadexamin benifits


       Becadexamin multivitamin benefits  in hindi ?

 चलिए हम जानते हैं कि इसके फायदे क्या क्या हैं।

1- यह कैप्स्यूल हमे त्वचा के ऊपर होने वाले रोगों से बचाता है । जैसे दाद , खाज, खुजली, फोड़े- फुंसी आदि समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

2- यह हमारे शरीर की रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेटस का निर्माण करने  में भी सहायक है और यह हमारे शरीर मे हड्डियों की मजबूती के लिए भी कैल्शियम और फॉस्फोरस के स्तर को मजबूत करता है।

3- यह हमारे शरीर मे मैग्नीशियम की मात्रा को पूरा करता है।

4- यह विटामिन सी की कमी को दूर करता है
जिससे आंखों बालो  को अच्छा बनाता है और शरीर को बहुत फायदा पहुचता है।

5- यह हमारे शरीर के थाइराइड ग्रंथियों को भी फायदा करता है।

6 - यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायता प्रदान करता है।

7- आंखों की रौशनी बढ़ता है ,बालो को मजबूत और काला बनाता है।

8- यह हमारे शरीर को सुंदर और सुड़ौल बनाता है।

9- त्वचा को साफ सुंदर बनाता है, त्वचा से दाग धब्बे दूर करता है और त्वचा में नई चमक डालता है।

10- यह हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

11- यह हमें सुस्ती, थकान,  से निजात दिलाता है।

12- शरीर मे नई ऊर्जा का उत्सर्जन करता है और शरीर मे नई जान डालता है।

13- शरीर के घाव जल्दी भरने में मदद करता है और हमें स्वस्थ बनाता है।



becadexamin for health
becadexamin health



अब तक हमने becadexamin capsules के फायदे देखे  आइये अब हम इसके नुकसान के बारे में जानते हैं


         Becadexamim  capsule के नुकसान


वैसे तो इसका कोई भी दुष्परिणाम नही है लेकिन आवश्यकता से अधिक मात्रा में लेने से  कुछ छोटे छोटे दुष्प्रभाव देखने को मिले हैं

1- आपको इस के इस्तेमाल से  त्वचा में खुजली होना या किसी प्रकार की एलर्जी या भूख में कमी  या शरीर मे उत्साह की कमी हो सकती है। लेकिन यह  तभी होगा जब आप जरूरत से कहीं ज्यादा सेवन करेंगे इस कैप्स्यूल का

2- आपको  इसके अधिक सेवन से  दस्त लग सकता है या आपका मल हरे रंग का हो सकता है। पेसाब करते समय शायद थोड़ा बहुत जलन हो सकता है।


           सावधानी और प्रयोग विधि


हर इंसान की जरूरत अपने शरीर के हिसाब से अलग अलग होती है परंतु हम आपको ये राय देंगे कि अगर आप जिम नही जाए तो दिन में 1 capsule का ही उपयोग करे लेकिन अगर आप exercise या gym जाते हैं तो 2 capsule का इस्तेमाल करें

इसको वैसे तो कोई भी ले सकता है लेकिन अगर आप डॉक्टर की सलाह से लेंगे तो ये काफी अच्छा होगा

जैसे कि आपको चर्म रोग है
तो आप अपने डॉक्टर से पूछ के ही इसका प्रयोग करे

अगर आप गर्भावस्था में हैं या कोई दूसरी बीमारी से ग्रसित हैं तो आप अपने डॉक्टर से जरूर एक बार सलाह लेले।


        Becadexamim capsule की कीमत 



यह बहुत ही अच्छी multivitamin है और बहुत ही सस्ती
इसकी एक डिब्बी  मात्र 28 रुपये में आती है जिसमे 30 capsules होते हैं
आप देखें तो 1 रुपये से भी कम में 1 कैप्सूल आता है।




इस पोस्ट में हमने आपको


Becadexamin capsule क्या है इसके फायदे और नुकसान क्या है



Becadexamin capsule in hindi की जानकारी लाभ, नुकसान, प्रयोग, कीमत  के बारे में बताया है
इसके अलावा अगर आपको कोई सवाल या सुझाव देना है तो आप नीचे comment करके जरूर पूछे

धन्यवाद








Saturday, September 22, 2018

What is Biotin | बायोटिन क्या है

What is Biotin



दोस्तों आज हम जानेंगे की बायोटिन क्या होता है

1- बायोटिन के क्या फायदे हैं
2- बायोटिन के क्या नुक्सान है
3- बायोटिन कौन कौन ले सकता है


तो चलिये आज हम जानते हैं की बायोटिन होता क्या है?
What is Biotin
Biotin



What is Biotin



    बायोटिन  विटामिन -H को कहा जाता है

यह विटामिन  बी काम्प्लेक्स का ही एक हिस्सा है।

यह घुलनशील होता है


याह हमारे शरीर के लिए अत्यंत जरूरी  विटामिन है

येह हमारे  बालो, त्वचा, नाखुनो
 को अत्यंत फायदा पहुंचाता है


ना सिर्फ बालो, त्वचा और नाखून के विकास में उपयोगी है
बाल्कि यह हमारी शरीर के हड्डिया

ओर मांशपेशियों की मजबूती के लिए भी जरूरी है

तो अबतक आप यह समझ गए होंगे की बायोटिन होता क्या है और ये क्यू जरूरी है।


चालिये अब हम थोड़ा विस्तार से जानते हैं की बायोटिन का लाभ विशेष रूप से किन किन चीजों में होता है


हेयर ट्रांसप्लांट क्या है?

What is Biotin 


बायोटिन के लाभ

 बायोटिन के लाभ बालों के लिए यह हमारे बालों के लिए अत्यंत जरूरी विटामिन है

What is Biotin


इसकी मदद से हमारे बाल जल्दी से उगते है, हमारे बालों को ये मजबूत बनाता है
ओर झड़ने से रोकता है

जिसके बल झड़ रहे हो
उनके लिए ये बहुत ही जरूरी है

ये जल्दी से बालों को  लम्बा  घाना और मजबूती प्रदान करने में सहायता पहुंचाता है

दोमुहें बाल या पतले बाल या रूखे बालों में नयी जान डालता है।

What is Biotin


अगर आप जल्दी तक जाते हो या कमजोरी लगती है तो बायोटिन जरूर लेना चाहिए ये बहुत ही लाभकारी है



त्वचा के लिए बायोटिन के लाभ-

जैसा की मैंने आपको बायोटिन के लाभ बताये बालों के लिए
वैसे ही बायोटिन के लाभ त्वचा  के लिए भी बहुत है
What is Biotin


बायोटिन हमारी सावली पड़ गयी त्वचा को फिर से अच्छा करने में उपयोगी है

येह हमारे तवचा को ग्लो करता है
येह हमारे त्वचा को रफ़ होने से बचता है
     और त्वचा को सुन्दर और जवान बनाने में मदद करता है

ये त्वचा से डेड सेल्स निकालता है
ओर नयी और ग्लोइंग त्वचा प्रदान करता है

आंखों के नीचे पड़े काले घेरे को भी दूर करता है
ओर कील मुहांसे इनको भी दूर रखने में मदद करता है।

बायोटिन के लाभ नाखूनो के विकास में -

What is Biotin


जीस तरह बायोटिन त्वचा और बालों के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है

उसी तरह इसका लाभ नाखूनों के विकास में है।
बायोटिन नाखूनों को जल्दी जल्दी लम्बा करने में सहायक है

याह नाखूनों को जड़ से मजबूत बनाता है

ओर उन्हें सुन्दर बनाने में मदद करता है



तो दोस्तों अबतक आप समझ ही गए होंगे की बायोटिन कितना लाभकारी है हमारे शरीर के लिये


ये हमें सुन्दर और जवान रखने में मदद करता है।


बायोटिन के नुक्सान  वैसे तो बायोटिन के कोई साइड इफेक्ट्स अभी तक देखने को नहीं मिले हैं और ना ही इसका कोई नुक्सान है
हा मगर जरुरत से ज्यादा मात्र में बायोटिन का उपयोग नहीं करना चहिये।
लेकिन अगर आप डायलिसिस पे हैं तो आपको अपने डॉक्टर से एक बार जरूर पूछ लेना चहिये।


बायोटिन किसके किसके लिए ज्यादा जरूरी है -
वैसे तो बायोटिन सभी के लिए बहुत जरूरी है लेकिन उन लोगो को अधिक परवाह करनी चाहिए जिनके

बाल झड़ने लगे है
जिनकी  त्वचा काफी रूखी और बेजान हो रही है और जिनके नाखून टूटने या खुरदुरे या कमजोर हो रहे है।


बायोटिन के श्रोत -

What is Biotin , biotin rich food


बायोटिन हमे हरी सब्जियों में, दालो में, दूध, अनाज, फलों में और काफी चीजों में मिलती है

यह हमारे रोजाना उपयोग में खाने वाले चीजों में मिलती है

लेकिन  आण्डा, कला, दूध, दलीय और बाकी चीजों में ज्यादा मात्रा में पायी जाती है।

What is Biotin ,biotin rich food



जो लोग सम्पूर्ण भोजन या अच्छे नुट्रिशन वाली चीजे नहीं खा पाते उनको
 बायोटिन लेना बहुत जरूरी है।


बायोटिन की कितनी मात्र एक दिन में जरूरी है-   आपको दिन भर में सामान्यतः 10Gm की जरुरत होती है

आज हम आपको कुछ अच्छे और बहुत ही फायदेमंद बायोटिन चुनकर बता रहे है



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